भारत हो या कोई और देश, ड्रोन technology बहुत तेजी से बढ़ रही है। चाहे वह कृषि क्षेत्र में हो या फिल्मी दुनिया में, ड्रोन ऑपरेटर की मांग हर जगह बढ़ रही है। यह technology डिफेंस, फिल्मी दुनिया, वेडिंग या फिर एग्रीकल्चर जैसे हर क्षेत्र में ड्रोन ऑपरेटर की मांग बढ़ा रही है।
अगर आप भी ड्रोन पायलट या ड्रोन ऑपरेटर बनना चाहते हैं, तो आप बिल्कुल सही लेख पर आए हैं। हम इस लेख में आपको विस्तारपूर्वक बताएंगे कि आपको ड्रोन ऑपरेटर बनने के लिए क्या करना पड़ेगा, कौन सी ट्रेनिंग करनी पड़ेगी, ड्रोन पायलट का लाइसेंस कैसे प्राप्त करें, और बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए। दोस्तों, तो आप शुरू से अंत तक जरूर पढ़ें जिससे आपको ड्रोन ऑपरेटर बनने में काफी मदद मिलेगी।
Drone Operator Kaise Bane
1. आखिरकार ड्रोन ऑपरेटर कौन होता है?
आखिरकार Drone Operator होते कौन हैं? ड्रोन ऑपरेटर वे लोग होते हैं जो ड्रोन को सॉफ्टवेयर या फिर रिमोट से कंट्रोल करते हैं। इसलिए, उनके पास ड्रोन ऑपरेटर का लाइसेंस होता है और ड्रोन कंट्रोल करने का कौशल और टाइम मैनेजमेंट करने का धैर्य होता है। इन्हें सेफ्टी का संपूर्ण ज्ञान होता है; ये सेफ्टी को सबसे ऊपर रखते हैं। इन्हें ट्रेनिंग के दौरान हर एक चीज बारीकी से सिखाई जाती है।
2. ड्रोन ऑपरेटर बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए?
- ड्रोन पायलट या ड्रोन ऑपरेटर बनने के लिए आपको Directorate General of Civil Aviation के अनुसार कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना होगा।
- उम्र: आपकी उम्र कम से कम 18 से 65 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है।
- पढ़ाई: आपकी शिक्षा किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से लगभग 10वीं पास होना अनिवार्य है।
- मेडिकल टेस्ट: आपको एक स्पष्ट सर्टिफिकेट चाहिए; आपको मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होने का प्रमाण चाहिए।
- आपको भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
3. ड्रोन लाइसेंस का प्रकार और कौन सा लाइसेंस चाहिए
भारत में, आपको कुछ ही ड्रोन ऑपरेट करने की अनुमति है; बाकी के लिए आपको लाइसेंस की आवश्यकता होती है। ये लाइसेंस ड्रोन के वजन के हिसाब से अलग-अलग होते हैं। लाइसेंस का मतलब Remote Pilot Certificate है। यह वही दस्तावेज है जिसे हम ड्रोन ऑपरेटर लाइसेंस के नाम से जानते हैं। यह अपने वजन के हिसाब से अलग-अलग होता है। पूरी जानकारी नीचे है।
- नैनो ड्रोन: यह 250 ग्राम या उससे कम होता है।
- माइक्रो ड्रोन जो 250 ग्राम से लेकर 2 किलोग्राम तक होते हैं।
- मध्यम ड्रोन: यह लगभग 25 किलोग्राम से 150 किलोग्राम तक का होता है। यह कृषि में काम आता है।
- सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ड्रोन, स्मॉल ड्रोन है। यह 2 किलोग्राम से 25 किलोग्राम तक
- सबसे बड़ा बिल्कुल लार्ज है; यह लगभग 150 किलोग्राम से अधिक है।
नैनो ड्रोन: अगर आप 250 ग्राम से कम का ड्रोन ऑपरेट कर रहे हैं, तो आपको किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन आपको ध्यान रखना होगा कि आपको ड्रोन ग्रीन जोन में ही ऑपरेट करना होगा।
अगर आप पैसे कमाने के लिए ड्रोन ऑपरेट करते हैं, मतलब कॉमर्शियल ड्रोन ऑपरेट करते हैं, या अपना खुद का बिजनेस करते हैं, या फोटोग्राफी, मैपिंग, या एग्रीकल्चर जैसी चीजों के लिए ऑपरेट करते हैं, तो आपको Remote Pilot Certificate लेना अनिवार्य हो जाता है।
स्मॉल और माइक्रो ड्रोन का लाइसेंस यदि आप शादियों की शूटिंग या फिर छोटे-मोटे सर्वे कर रहे हैं, तो आपको स्मॉल (Remote Pilot Certificate) लेना चाहिए; यह कॉमन है।
एग्रीकल्चर के लिए आपको मीडियम ड्रोन ऑपरेटर लाइसेंस लेना होगा। खेत में स्प्रे करने के लिए 25 किलोग्राम काफी सही माना जाता है।
4. ड्रोन ऑपरेटर कोर्स और ट्रेनिंग कैसे करें (RPTO)
अगर आपको ड्रोन ऑपरेटर बनना है, तो आप घर में ड्रोन कंट्रोल कर-करके एक एक्सपर्ट ड्रोन ऑपरेटर भी बन सकते हैं। आपको डीजीसीए (DGCA) द्वारा Remote Pilot Training Organisation से संपर्क करके ट्रेनिंग करनी होगी।
कोर्स के दौरान आपको क्या-क्या दिखाया जाता है?
- आपको सबसे पहले थ्योरी होती है, फिर कंप्यूटराइज्ड ट्रेनिंग होती है, और फिर आपको प्रैक्टिकल में ड्रोन कंट्रोल करना सिखाया जाता है।
- थ्योरी में आपको सबसे पहले ड्रोन के पुर्जों के बारे में बताया जाएगा, फिर एयर ट्रैफिक कंट्रोल नियमों को बताया जाएगा और फिर मौसम विज्ञान के बारे में जानकारी दी जाएगी।
- आपको असली ड्रोन ऑपरेटर बनने से पहले सिम्युलेटर ड्रोन को कंप्यूटर में कंट्रोल करना होगा।
- अब आपका प्रैक्टिकल ड्रोन ऑपरेटर करने का समय आ जाएगा। अब आपको एक्सपर्ट की निगरानी में खुली जगहों में ड्रोन उड़ाने का अभ्यास करना होगा, जैसे ड्रोन को टेक ऑफ करना, इमरजेंसी लैंडिंग, और आराम से लैंडिंग करना होगा।
सीखने का समय लगभग 5 से 7 दिन तक है, और कोर्स की अनुमानित फीस लगभग 30,000 से 100,000 तक है। यह पूरा आप जिस जगह पर सीख रहे हैं उस संस्था पर और ड्रोन की कैटेगरी पर निर्भर करता है।
यह भी जानिए:- Helper salary in Oman
5. लाइसेंस (RPC) कैसे प्राप्त करते हैं?
अगर आपको अब लाइसेंस प्राप्त करना होगा, तो सरकार सीधे नहीं देगी, बल्कि आपको लाइसेंस सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ड्रोन ट्रेनिंग स्कूल (RPTO) देगा।
- आप अपना नजदीकी प्रशिक्षण स्कूल चुन सकते हैं। आप DGCA की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपने नजदीकी प्रशिक्षण स्कूल का पता कर सकते हैं।
- आपको Drone Operate करने की 5 से 7 दिन की ट्रेनिंग लेनी होगी। वहाँ पर प्रैक्टिकल और थ्योरी होती है।
- ट्रेनिंग के अंत में आपको एक फ्लाइंग टेस्ट और थ्योरी पेपर देना होगा जो लिखित परीक्षा होती है।
- आपका Remote Pilot Certificate ऑनलाइन पोर्टल DigitalSky में अपलोड कर दिया जाएगा, जिसे आप अपना Remote Pilot Certificate ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।
6. करियर और जॉब के अवसर क्या-क्या हैं?
आप ड्रोन पायलट या ऑपरेटर बनकर कई क्षेत्रों में काम कर सकते हैं, जैसे कि नीचे एक नजर में देखें।
|
क्षेत्र |
मुख्य उपयोग |
|---|---|
|
कृषि |
फसल निगरानी व कीटनाशक छिड़काव |
|
फोटोग्राफी |
फिल्म, विज्ञापन व इवेंट शूटिंग |
|
कंस्ट्रक्शन |
साइट सर्वे व 3D मैपिंग |
|
डिफेंस/पुलिस |
सुरक्षा व निगरानी ऑपरेशंस |
|
लॉजिस्टिक्स |
सामान व दवाइयों की डिलीवरी |
|
इंफ्रास्ट्रक्चर |
बिजली लाइन, ट्रैक व बांध निरीक्षण |
नौकरी कैसे मिलेगी? अगर आपने सारे प्रोसेस को पूरा कर लिया है, तो आपके पास बहुत से ऐसे विकल्प हैं जिनसे आपको नौकरी मिल सकती है, जैसे
- Naukri.com
- Indeed.
इन सभी में आप कुछ कीवर्ड डालकर सर्च करें और ज्यादा से ज्यादा कंपनी के HR से जुड़े रहें, जैसे ‘remote pilot’, ‘UAV operator’ और ‘drone pilot’ जैसे कीवर्ड डालकर सर्च करें। यहां पर आप क्रिकेट ड्रोन ऑपरेटर भी बन सकते हैं।
7. ड्रोन ऑपरेटर की सैलरी कितनी होती है?
एक ड्रोन पायलट या ऑपरेटर को शुरुआती समय में सैलरी की बात करें तो अनुमानित सैलरी लगभग ₹20,000 से ₹30,000 प्रति माह तक हो सकती है। अनुभव बढ़ने के बाद, जैसे डेटा एनालिसिस और थर्मल इमेजिंग करने के बाद, आपकी सैलरी लगभग ₹50,000 से ₹100,000 तक हो सकती है।
8. ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बातें क्या हैं?
- No Takeoff and No Permission आप हमेशा डिजिटल ऐप्स में चेक जरूर करें।
- Yellow & red zones में बिना परमिशन के ड्रोन ऑपरेट करना या उड़ाना गैरकानूनी है, जैसे कि एयरपोर्ट, मिलिट्री एरिया और सीमाओं (बॉर्डर) के आस-पास।
- एक जरूरी बात: कमर्शियल ड्रोन का कोई थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होना कानूनी रूप से जरूरी है।
निष्कर्ष
Drone Operator Kaise Bane दोस्तों अगर आप भी ड्रोन ऑपरेटर बनकर वेडिंग या फिल्मी दुनिया में ड्रोन ऑपरेटर बनने का सपना देख रहे हैं। तो यह सपना आपका सच हो सकता है। अगर आप थोड़ी मेहनत करेंगे तो आप क्रिकेट ड्रोन ऑपरेटर भी बन सकते हैं। जो क्रिकेट मैच के दौरान ऊपर से जो ड्रोन शॉट लिया जाता है, एक ड्रोन ऑपरेटर का महत्वपूर्ण योगदान होता है। या आप इसे सीखकर खुद का बिज़नेस खोल सकते हैं। दोस्तों, नए टेक्नोलॉजी के जमाने में अब पार्सल भी ड्रोन के माध्यम से होने लगेगा। बहुत से ऐसे जगहों में यह शुरू भी हो चुका है। तो जल्दी ही आपने नजदीकी DGCA देखे और सीखे। इस दौरान आपको कोई भी समस्या आ रही है या कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं, तो आप हमसे नीचे कमेंट करें। धन्यवाद दोस्तों,
FAQ
1. क्या ड्रोन लाइसेंस बनवाने के लिए पासपोर्ट होना अनिवार्य है?
हां जी बिल्कुल आपको DGCA के नियमों के अनुसार आपके पास पासपोर्ट होना अनिवार्य है। RPTO ड्रोन पायलट स्कूटलो में जाने के लिए और RPC जारी करवाने के लिए आपको पासपोर्ट की जरूरत होगी।
2. एक ड्रोन पायलट कोर्स की फीस कितनी होती है?
ड्रोन पायलट बनने के लिए आपकी फीस आपके संस्थान और ड्रोन की कैटेगरी पर निर्भर करती है, जैसे स्मॉल या फिर मीडियम ड्रोन पायलट। यह अनुमानित फीस लगभग ₹30,000 से ₹65,000 तक हो सकती है।
3. ड्रोन लाइसेंस (RPC) की वैधता (validity) कितने समय की होती है?
भारत ड्रोन ऑपरेटर लाइसेंस नियमों के अनुसार RPC की वैधता लगभग 10 साल तक होती है। नियमों के अनुसार आपको 10 वर्ष बाद फिर से रिन्यू करना होता है।